सनातन ग्रंथों में विज्ञान से संबंधित अनेक रोचक अवधारणाएँ मिलती हैं — गणित, खगोलशास्त्र, चिकित्सा, भौतिक तत्त्व-मीमांसा आदि विषयों पर। परंतु इन अवधारणाओं को समझने में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इन्हें अक्सर या तो पूर्णतः खारिज कर दिया जाता है, या फिर बिना पर्याप्त प्रमाण के "आधुनिक विज्ञान से भी उन्नत" घोषित कर दिया जाता है — दोनों ही दृष्टिकोण अपर्याप्त हैं।
यह वेबसाइट प्रत्येक ऐसी अवधारणा को पाँच स्पष्ट श्रेणियों में वर्गीकृत करती है:
🟢 ऐतिहासिक/पाठ्य प्रमाण — जहाँ ग्रंथ में स्पष्ट कथन है तथा इसका ऐतिहासिक महत्व सुस्थापित है (जैसे आर्यभट का पृथ्वी-घूर्णन कथन)।
🔵 आधुनिक विज्ञान से समानता — जहाँ प्राचीन अवधारणा आधुनिक वैज्ञानिक अवधारणा से वैचारिक समानता रखती है, परंतु इन्हें समान सिद्ध करने हेतु पर्याप्त प्रमाण नहीं (जैसे वैशेषिक का "गुरुत्व")।
🟡 परंपरागत व्याख्या — जहाँ यह एक धार्मिक/दार्शनिक व्याख्या है, वैज्ञानिक दावा नहीं।
🟠 वैज्ञानिक रूप से अभी अप्रमाणित — जहाँ विषय पर वैज्ञानिक शोध सीमित/अनिर्णायक है।
🔴 आधुनिक विज्ञान द्वारा समर्थित नहीं — जहाँ आधुनिक विज्ञान इस विशिष्ट दावे का खंडन करता है अथवा इसे असमर्थित मानता है।
यह वर्गीकरण /science-comparison डेटाबेस के हर एक विषय पर लागू होता है, ताकि पाठक स्वयं सूचित निर्णय ले सकें।