पवित्र स्थान
द्वादश ज्योतिर्लिंग, शक्तिपीठ, चार धाम, सप्तपुरी, नदी-तीर्थ, पर्वत, मंदिर एवं आश्रम — ऐतिहासिक/पुरातात्विक जानकारी सहित।
अयोध्या
अयोध्या, उत्तर प्रदेश
सप्तपुरी (सात मोक्षदायिनी नगरियों) में से एक।
ओंकारेश्वर
मांधाता द्वीप, नर्मदा नदी, मध्य प्रदेश
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक।
कामाख्या
गुवाहाटी, नीलाचल पर्वत, असम
शक्तिपीठों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण एवं तांत्रिक परंपरा में केंद्रीय स्थान माना जाता है।
कालीघाट
कोलकाता, पश्चिम बंगाल
शक्तिपीठों में से एक — "कोलकाता" नाम की व्युत्पत्ति भी इसी मंदिर से संबद्ध मानी जाती है (य…
काशी विश्वनाथ
वाराणसी, उत्तर प्रदेश
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, तथा हिंदू परंपरा के सर्वाधिक पवित्र स्थलों में से एक।
केदारनाथ
रुद्रप्रयाग जिला, हिमालय, उत्तराखंड
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, तथा "छोटा चार धाम" हिमालयी तीर्थ-यात्रा का भी भाग।
गंगोत्री
उत्तरकाशी जिला, हिमालय, उत्तराखंड
गंगा नदी का उद्गम-स्थल (प्रतीकात्मक — वास्तविक हिमानी उद्गम गौमुख निकट स्थित है), तथा "छोट…
घृष्णेश्वर
एलोरा के निकट, महाराष्ट्र
12 ज्योतिर्लिंगों में अंतिम — प्रसिद्ध एलोरा गुफाओं (यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल) के निकट स्…
ज्वालामुखी
कांगड़ा जिला, हिमाचल प्रदेश
शक्तिपीठों में से एक — प्राकृतिक ज्वाला के कारण विशिष्ट।
त्र्यंबकेश्वर
नासिक जिला, गोदावरी उद्गम, महाराष्ट्र
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक — कुंभ मेले के आयोजन स्थलों में से एक (नासिक) के निकट।
द्वारका
द्वारका, गुजरात
आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार धामों में से एक (पश्चिम दिशा)।
नागेश्वर
द्वारका के निकट, गुजरात
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक — इसका सटीक भौगोलिक स्थान लेकर कुछ परंपराओं में मतभेद है (गुजर…
पुरी (जगन्नाथ)
पुरी, ओडिशा
आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार धामों में से एक (पूर्व दिशा) — प्रसिद्ध रथयात्रा हेतु भी…
बद्रीनाथ
चमोली जिला, हिमालय, उत्तराखंड
आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार धामों में से एक (उत्तर दिशा), तथा "छोटा चार धाम" हिमालयी…
भीमाशंकर
पुणे जिला, सह्याद्रि पर्वत, महाराष्ट्र
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक।
मथुरा
मथुरा, उत्तर प्रदेश
सप्तपुरी में से एक।
मल्लिकार्जुन
श्रीशैलम, आंध्र प्रदेश
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक — यहाँ शक्तिपीठ भी साथ में स्थित होने के कारण विशेष महत्व।
महाकालेश्वर
उज्जैन, मध्य प्रदेश
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग होने के कारण विशेष माना जाता है।
रामेश्वरम
रामेश्वरम द्वीप, तमिलनाडु
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक तथा चार धामों में से एक — दोनों परंपराओं में केंद्रीय स्थान।
वैद्यनाथ
देवघर, झारखंड
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक — कावड़ यात्रा का प्रमुख गंतव्य।
सोमनाथ
प्रभास पाटन, वेरावल, गुजरात
12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माना जाता है।