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शिव

शिव

अन्य नाम: महादेव, शंकर, रुद्र, भोलेनाथ, नीलकंठ

शिव सनातन परंपरा के प्रमुख देवताओं में से एक हैं, जिन्हें त्रिमूर्ति में संहार/परिवर्तन के देवता तथा शैव परंपरा में परब्रह्म स्वयं माना जाता है। वैदिक साहित्य में "रुद्र" के रूप में इनका प्रारंभिक रूप मिलता है, जो कालांतर में पौराणिक शिव के रूप में विकसित हुआ।

प्रतीकात्मकता

त्रिशूल (तीन गुणों/शक्तियों पर नियंत्रण), डमरू (सृष्टि की लय/नाद), नीलकंठ (समुद्र-मंथन में हलाहल विष धारण करना), गंगा (शिर पर), चंद्रमा (समय पर नियंत्रण), सर्प (नियंत्रित भय/मृत्यु)।

स्वरूप

रुद्र (वैदिक रूप), नटराज (नृत्य रूप), अर्धनारीश्वर, दक्षिणामूर्ति (गुरु रूप), भैरव, ज्योतिर्लिंग (निराकार प्रतीकात्मक रूप)

कथाएँ

समुद्र-मंथन में हलाहल विष पीकर सृष्टि की रक्षा करना; सती/पार्वती से विवाह; तांडव नृत्य; अर्धनारीश्वर रूप (शिव-पार्वती का संयुक्त रूप, प्रकृति-पुरुष के अद्वैत का प्रतीक)।

उपासना

रुद्राभिषेक, बेलपत्र-अर्पण, "ॐ नमः शिवाय" मंत्र-जप — क्षेत्रीय एवं संप्रदाय-अनुसार विधि में भिन्नता।

विभिन्न सम्प्रदायों (वैष्णव/शैव/शाक्त) में इस देवता/देवी की व्याख्या एवं महत्व भिन्न हो सकता है — यह पृष्ठ किसी एक परंपरा को सार्वभौमिक नहीं मानता।

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