महाशिवरात्रि
संबद्ध देवता: शिव
शिव-आराधना की रात्रि — कुछ परंपराओं में इसे शिव-पार्वती विवाह की रात्रि तथा कुछ में शिव के ब्रह्मांडीय नृत्य (तांडव) की रात्रि माना जाता है।
कथा
शिव-पार्वती विवाह अथवा शिव द्वारा हलाहल विष पान की कथा से संबद्ध (विभिन्न क्षेत्रीय परंपराओं में भिन्न व्याख्या)।
पूजा-विधि
रात्रि-भर जागरण, शिवलिंग पर जल/दूध/बेलपत्र अर्पण, व्रत।
तिथि-गणना
फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को — सामान्यतः फरवरी-मार्च।
क्षेत्रीय भिन्नताएँ: देशभर के शिव मंदिरों (विशेषकर 12 ज्योतिर्लिंगों) में विशेष रूप से भव्य आयोजन होता है।