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🕉️ धार्मिक परंपरा
प्रत्याहार

प्रत्याहार

प्रत्याहार अष्टांग योग का पाँचवाँ अंग है — इंद्रियों को बाह्य विषयों से हटाकर अंतर्मुखी करने का अभ्यास, जो प्राणायाम एवं धारणा के बीच की कड़ी माना जाता है।

विधि

इंद्रिय-विषयों (दृश्य, ध्वनि आदि) से ध्यान हटाकर आंतरिक अनुभव पर केंद्रित करने का अभ्यास।

परंपरागत लाभ

बाह्य विक्षेपों से मुक्ति एवं आंतरिक एकाग्रता हेतु तैयारी।

इस अभ्यास पर किसी विशिष्ट, सत्यापित वैज्ञानिक अध्ययन का संदर्भ अभी उपलब्ध नहीं है — यह विवरण परंपरागत स्रोतों पर आधारित है।