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🕉️ धार्मिक परंपरा
जप

जप

जप का अर्थ है किसी मंत्र, नाम अथवा शब्द की निर्धारित संख्या में (सामान्यतः 108 की माला द्वारा) पुनरावृत्ति — यह नाम-स्मरण एवं एकाग्रता की एक सरल, व्यापक रूप से प्रचलित साधना-विधि है।

विधि

माला (108 मनकों) का उपयोग कर मंत्र/नाम की गणनापूर्वक पुनरावृत्ति — मानसिक (मन में), उपांशु (धीमे स्वर में) अथवा वाचिक (उच्च स्वर में) — तीन प्रकार परंपरा में वर्णित।

परंपरागत लाभ

मन की एकाग्रता एवं भक्ति-भाव का विकास।

इस अभ्यास पर किसी विशिष्ट, सत्यापित वैज्ञानिक अध्ययन का संदर्भ अभी उपलब्ध नहीं है — यह विवरण परंपरागत स्रोतों पर आधारित है।