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📚 ऐतिहासिक स्रोत जीवनी-विश्वसनीयता: सत्यापित
भास्कर द्वितीय

भास्कराचार्य

काल (परंपरागत): 1114 ई. (जन्म) — विज्जलविड (वर्तमान कर्नाटक) · परंपरा: भारतीय गणित/खगोलशास्त्र

भास्कराचार्य (भास्कर द्वितीय, आर्यभट के परवर्ती भास्कर प्रथम से भिन्न) का ग्रंथ "सिद्धांतशिरोमणि" (1150 ई.) बीजगणित, अंकगणित एवं खगोलशास्त्र का व्यापक संकलन है। इसका "लीलावती" खंड अंकगणित पर तथा "बीजगणित" खंड बीजगणित पर केंद्रित है।

योगदान

भारतीय गणित की उन्नत परंपरा का प्रतिनिधित्व — देखें /science पर विस्तृत तुलना एवं सावधानी-पूर्ण भाषा।

शिक्षाएँ

चक्रवाल पद्धति (द्विघात अनिश्चित समीकरणों के हल हेतु); कलन (calculus) से मिलती-जुलती कुछ अवधारणाओं का प्रारंभिक प्रयोग — यह तुलना सावधानी से की जानी चाहिए, यह आधुनिक कलन के समतुल्य नहीं है।

संबंधित ग्रंथ

सिद्धांतशिरोमणि (लीलावती, बीजगणित, ग्रहगणित, गोलाध्याय)