यम
यम
अन्य नाम: धर्मराज, यमराज
यम मृत्यु एवं न्याय के देवता माने जाते हैं, जो मृत्यु के पश्चात आत्मा के कर्मों का न्याय करते हैं। कठोपनिषद में नचिकेता-यम संवाद इस देवता से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण दार्शनिक प्रसंग है।
प्रतीकात्मकता
यमदंड (न्याय), महिष-वाहन (धैर्यपूर्ण न्याय-प्रक्रिया)।
स्वरूप
धर्मराज (न्यायाधीश रूप)।
कथाएँ
कठोपनिषद में नचिकेता को आत्मा एवं मृत्यु के रहस्य पर उपदेश देने की कथा।
उपासना
मृत्यु-पश्चात कर्मकाण्ड (देखें गरुड़ पुराण) में यम का उल्लेख।
विभिन्न सम्प्रदायों (वैष्णव/शैव/शाक्त) में इस देवता/देवी की व्याख्या एवं महत्व भिन्न हो सकता है — यह पृष्ठ किसी एक परंपरा को सार्वभौमिक नहीं मानता।
प्रसिद्ध मंदिर
यम के समर्पित स्वतंत्र मंदिर भारत में अत्यंत सीमित हैं।