वायु
वायु
अन्य नाम: पवन, मारुत, अनिल
वायु वैदिक काल के प्राण-शक्ति एवं वायु-तत्त्व के देवता हैं। हनुमान को "पवनपुत्र" कहा जाना इसी परंपरा से जुड़ा है।
प्रतीकात्मकता
गति एवं प्राण-शक्ति का प्रतीक — पंचमहाभूतों में से एक तत्त्व (देखें /vigyan)।
स्वरूप
मारुत गण (वायु के सहचर देवगण)।
कथाएँ
हनुमान के पिता के रूप में पौराणिक कथाओं में वर्णित।
उपासना
मुख्यतः वैदिक यज्ञ-परंपरा एवं पंचमहाभूत-अवधारणा में स्मरणीय।
विभिन्न सम्प्रदायों (वैष्णव/शैव/शाक्त) में इस देवता/देवी की व्याख्या एवं महत्व भिन्न हो सकता है — यह पृष्ठ किसी एक परंपरा को सार्वभौमिक नहीं मानता।
प्रसिद्ध मंदिर
वायु के समर्पित स्वतंत्र मंदिर अत्यंत सीमित हैं।