काली
काली
अन्य नाम: महाकाली, कालिका
काली शक्ति परंपरा की एक उग्र देवी-रूप हैं, जो समय (काल) एवं संहार-शक्ति की प्रतीक मानी जाती हैं। विशेषकर बंगाल एवं पूर्वी भारत में इनकी उपासना अत्यंत प्रमुख है।
प्रतीकात्मकता
काला वर्ण (समय/काल का प्रतीक), मुण्ड-माला (अहंकार का नाश), खड्ग (अज्ञान का छेदन), जिह्वा बाहर निकाली हुई (विभिन्न व्याख्याएँ प्रचलित)।
स्वरूप
दक्षिणाकाली, भद्रकाली, श्मशानकाली।
कथाएँ
दुर्गा/चण्डी के उग्र रूप के रूप में असुरों का संहार — विशेषकर रक्तबीज-वध की कथा (जहाँ हर रक्त-बूंद से नया असुर उत्पन्न होता था) में काली का प्रकटीकरण।
उपासना
तांत्रिक एवं शाक्त परंपरा में विशेष उपासना-विधियाँ — देखें /tantra।
विभिन्न सम्प्रदायों (वैष्णव/शैव/शाक्त) में इस देवता/देवी की व्याख्या एवं महत्व भिन्न हो सकता है — यह पृष्ठ किसी एक परंपरा को सार्वभौमिक नहीं मानता।