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🕉️ धार्मिक परंपरा puranic
काली

काली

अन्य नाम: महाकाली, कालिका

काली शक्ति परंपरा की एक उग्र देवी-रूप हैं, जो समय (काल) एवं संहार-शक्ति की प्रतीक मानी जाती हैं। विशेषकर बंगाल एवं पूर्वी भारत में इनकी उपासना अत्यंत प्रमुख है।

प्रतीकात्मकता

काला वर्ण (समय/काल का प्रतीक), मुण्ड-माला (अहंकार का नाश), खड्ग (अज्ञान का छेदन), जिह्वा बाहर निकाली हुई (विभिन्न व्याख्याएँ प्रचलित)।

स्वरूप

दक्षिणाकाली, भद्रकाली, श्मशानकाली।

कथाएँ

दुर्गा/चण्डी के उग्र रूप के रूप में असुरों का संहार — विशेषकर रक्तबीज-वध की कथा (जहाँ हर रक्त-बूंद से नया असुर उत्पन्न होता था) में काली का प्रकटीकरण।

उपासना

तांत्रिक एवं शाक्त परंपरा में विशेष उपासना-विधियाँ — देखें /tantra।

विभिन्न सम्प्रदायों (वैष्णव/शैव/शाक्त) में इस देवता/देवी की व्याख्या एवं महत्व भिन्न हो सकता है — यह पृष्ठ किसी एक परंपरा को सार्वभौमिक नहीं मानता।

संबद्ध पवित्र स्थान