हनुमान्
हनुमान
अन्य नाम: बजरंगबली, पवनपुत्र, अंजनिपुत्र, मारुति
हनुमान वायुदेव के पुत्र तथा श्रीराम के परम भक्त एवं सेवक माने जाते हैं। रामायण में सीता की खोज, लंका-दहन एवं राम-रावण युद्ध में उनकी वीरता तथा राम के प्रति अपरिमित भक्ति के लिए वे विशेष रूप से पूजित हैं।
प्रतीकात्मकता
गदा (शक्ति), पर्वत उठाना (संजीवनी बूटी हेतु — निःस्वार्थ सेवा), वक्ष चीरकर राम-सीता दिखाना (अनन्य भक्ति)।
स्वरूप
बाल हनुमान, वीर/शक्ति रूप, राम-भक्त रूप (हृदय में राम-सीता का चित्रण)।
कथाएँ
सीता की खोज हेतु समुद्र लांघना, लंका-दहन, लक्ष्मण हेतु संजीवनी बूटी लाना, राम-भक्ति का प्रतीक।
उपासना
हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड का पाठ; मंगलवार एवं शनिवार को विशेष उपासना की परंपरा।
विभिन्न सम्प्रदायों (वैष्णव/शैव/शाक्त) में इस देवता/देवी की व्याख्या एवं महत्व भिन्न हो सकता है — यह पृष्ठ किसी एक परंपरा को सार्वभौमिक नहीं मानता।
प्रसिद्ध मंदिर
हनुमान गढ़ी (अयोध्या), संकटमोचन मंदिर (वाराणसी)