किन्नर
स्रोत: महाभारत, पुराण
किन्नर अर्ध-मानव अर्ध-अश्व (अथवा कुछ वर्णनों में अर्ध-पक्षी) रूप वाले, संगीत एवं कला में निपुण अर्ध-दिव्य प्राणी माने जाते हैं, जो कुबेर के लोक से संबद्ध बताए जाते हैं।
विशेषताएँ
संगीत, नृत्य एवं काव्य-कला में विशेष निपुणता।
प्रसिद्ध कथाएँ
हिमालय क्षेत्र (विशेषकर "किन्नौर" नामक क्षेत्र, जिसका नामकरण भी इसी परंपरा से संबद्ध माना जाता है) से जुड़ी लोक-कथाएँ।
परंपरा के अनुसार स्वभाव
सामान्यतः सौम्य, कला-प्रेमी स्वभाव के रूप में वर्णित।
रक्षा-परंपराएँ
विशेष सुरक्षा-परंपरा का उल्लेख सीमित है।
यह विवरण पौराणिक/लोक-परंपरा पर आधारित है — यह किसी वास्तविक, भौतिक रूप से मनुष्य को हानि पहुँचाने वाले प्राणी के अस्तित्व का वैज्ञानिक दावा नहीं है।